Friday, October 4, 2013

Ik Bagal MeiN chaaNd hoga(In Hindi).. By Piyush Mishra

इक बगल में चाँद होगा , इक बगल में रोटियां 
इक बगल में नींद होगी, इक बगल में लोरियां 
हम चाँद पे रोटी की चादर डालकर सो जायेंगे 
और नींद से कह देंगे लोरी कल सुनाने आयेंगे...

इक बगल में खनखनाती सीपियाँ हो जाएँगी 
इक बगल में कुछ रुलाती सिसकियाँ हो जाएँगी 
हम सीपियों में भरकर सारे तारे छू के आएंगे 
और सिसकियों को गुदगुदी कर कर के यूं बहलाएँगे ...

अम्मा तेरी सिसकियों पे कोई रोने आएगा 
ग़म न कर जो आयेगा वो फ़िर कभी न जायेगा 
याद रख पर कोई अनहोनी नहीं तू लाएगी 
लाएगी तो फिर कहानी और कुछ हो जाएगी ....

होनी और अनहोनी की परवाह किसे है मेरी जान 
हद से ज़्यादा ये ही होगा कि यहीं मर जायेंगे 
हम मौत को सपना बताकर उठ खड़े होंगे यहीं 

और होनी को ठेंगा दिखाकर खिलखिलाते जायेंगे ... Piyush Mishra

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