बदलते मौसमों की सैर में
दिल को लगाना हो
किसी को याद रखना हो
किसी को भूल जाना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं....
किसी को मौत से पहले
किसी ग़म से बचाना हो
हकीक़त कुछ और थी
उस को जा के ये बताना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं... Munir Niazi
दिल को लगाना हो
किसी को याद रखना हो
किसी को भूल जाना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं....
किसी को मौत से पहले
किसी ग़म से बचाना हो
हकीक़त कुछ और थी
उस को जा के ये बताना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं... Munir Niazi
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