Saturday, April 14, 2012

तुम्हें दिललगी भूल जानी पड़ेगी.. with Lyrics in Hindi

Lyrics of song Tumhe Dillagi Bhool Jani Pdegi (in Hindi)

तुम्हें दिललगी भूल  जानी पड़ेगी
मोहब्बत की राहों में आकर तो देखो
तड़पने पे मेरे न फिर तुम हसोगे
कभी दिल किसी से लगाकर तो देखो ...
तुम्हें दिललगी भूल  जानी पड़ेगी ...

होंठों के पास आए हंसी क्या मजाल है
दिल का मुआमला है कोई दिललगी नहीं

ज़ख़्म पे ज़ख़्म खा के जी,अपने लहू के घूँट पी
आह न कर लबों को सी, इश्क है दिललगी नहीं
दिल लगाकर पता चलेगा तुम्हें, आशिकी दिललगी नहीं होती

कुछ खेल नहीं है इश्क की लाग, पानी ना समझिए आग है आग
खूँ रुलाएगी ये लगी दिल की,खेल समझो ना दिललगी दिल की..
ये इश्क नहीं आसां ,बस इतना समझ लीजै
इक्क आग का दरिया है और डूब के जाना है

तुम्हें दिललगी भूल  जानी पड़ेगी
मोहब्बत की राहों में आकर तो देखो
तड़पने पे मेरे न फिर तुम हसोगे
कभी दिल किसी से लगाकर तो देखो ...
तुम्हें दिललगी भूल  जानी पड़ेगी ...

वफ़ाओं की हमसे तवक्कों नहीं है,मगर एक बार आज़मा के तो देखो
ज़माने को अपना बनाकर तो देखा, हमें भी तुम अपना बनाकर तो देखो
ख़ुदा के लिए छोड़ दो अब ये पर्दा,
रुख़ से नकाब उठा कि बड़ी देर हो गयी
बड़ी देर हो गयी माहौल को तलावत-ए-क़ुरान किए हुए

ख़ुदा के लिए छोड़ दो अब ये पर्दा,
हम ना समझे तेरी नज़रों का तकाज़ा क्या है
कभी पर्दा कभी जलवा ये तमाशा क्या है..

ख़ुदा के लिए छोड़ दो अब ये पर्दा,
जाने जां हम से ये उलझन नहीं देखी जाती
ख़ुदा के लिए छोड़ दो अब ये पर्दा,
कि हैं आज हम तुम नहीं ग़ैर कोई
शब्-ए-वसल भी है हिजाब इस कदर क्यूँ
ज़रा रुख़ से आँचल उठा कर तो देखो

जफ़ायें भी बहुत की, बहुत ज़ुल्म ढाए
कभी इक्क निगाह-ए-करम इस तरफ़ भी
हमेशा हुए देख कर मुझको बरहम
किसी दिन ज़रा मुस्कुरा कर तो देखो..

जो उल्फ़त में हर इक्क सितम है गवारा
ये सब कुछ है पास-ए-वफ़ा तुम से वरना
सताते हो दिन रात जिस तरह मुझको
किसी ग़ैर को यूं सता कर तो  देखो

अगर चे किसी बात पर वो खफ़ा हैं
तो अच्छा यही है तुम अपनी सी कर लो
वो माने ना माने,ये मर्ज़ी है उनकी
मगर उनको पुरनम मनाकर तो देखो


 

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