This blog is like my virtual diary where I note down poetry, quotes and other work of literature while reading. I hope you will have good time here.
Love,
Jassi Sangha.
Lyrics of song Tumhe Dillagi Bhool Jani Pdegi (in Hindi)
तुम्हें दिललगी भूल जानी पड़ेगी
मोहब्बत की राहों में आकर तो देखो
तड़पने पे मेरे न फिर तुम हसोगे
कभी दिल किसी से लगाकर तो देखो ...
तुम्हें दिललगी भूल जानी पड़ेगी ...
होंठों के पास आए हंसी क्या मजाल है
दिल का मुआमला है कोई दिललगी नहीं
ज़ख़्म पे ज़ख़्म खा के जी,अपने लहू के घूँट पी
आह न कर लबों को सी, इश्क है दिललगी नहीं
दिल लगाकर पता चलेगा तुम्हें, आशिकी दिललगी नहीं होती
कुछ खेल नहीं है इश्क की लाग, पानी ना समझिए आग है आग
खूँ रुलाएगी ये लगी दिल की,खेल समझो ना दिललगी दिल की..
ये इश्क नहीं आसां ,बस इतना समझ लीजै
इक्क आग का दरिया है और डूब के जाना है
तुम्हें दिललगी भूल जानी पड़ेगी
मोहब्बत की राहों में आकर तो देखो
तड़पने पे मेरे न फिर तुम हसोगे
कभी दिल किसी से लगाकर तो देखो ...
तुम्हें दिललगी भूल जानी पड़ेगी ...
वफ़ाओं की हमसे तवक्कों नहीं है,मगर एक बार आज़मा के तो देखो
ज़माने को अपना बनाकर तो देखा, हमें भी तुम अपना बनाकर तो देखो
ख़ुदा के लिए छोड़ दो अब ये पर्दा,
रुख़ से नकाब उठा कि बड़ी देर हो गयी
बड़ी देर हो गयी माहौल को तलावत-ए-क़ुरान किए हुए
ख़ुदा के लिए छोड़ दो अब ये पर्दा,
हम ना समझे तेरी नज़रों का तकाज़ा क्या है
कभी पर्दा कभी जलवा ये तमाशा क्या है..
ख़ुदा के लिए छोड़ दो अब ये पर्दा,
जाने जां हम से ये उलझन नहीं देखी जाती
ख़ुदा के लिए छोड़ दो अब ये पर्दा,
कि हैं आज हम तुम नहीं ग़ैर कोई
शब्-ए-वसल भी है हिजाब इस कदर क्यूँ
ज़रा रुख़ से आँचल उठा कर तो देखो
जफ़ायें भी बहुत की, बहुत ज़ुल्म ढाए
कभी इक्क निगाह-ए-करम इस तरफ़ भी
हमेशा हुए देख कर मुझको बरहम
किसी दिन ज़रा मुस्कुरा कर तो देखो..
जो उल्फ़त में हर इक्क सितम है गवारा
ये सब कुछ है पास-ए-वफ़ा तुम से वरना
सताते हो दिन रात जिस तरह मुझको
किसी ग़ैर को यूं सता कर तो देखो
अगर चे किसी बात पर वो खफ़ा हैं
तो अच्छा यही है तुम अपनी सी कर लो
वो माने ना माने,ये मर्ज़ी है उनकी
मगर उनको पुरनम मनाकर तो देखो
Friday, April 6, 2012
देखा हैं जिन्दगी को कुछ इतना करीब से चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से
कहने को दिल की बात जिन्हें ढूँढते थे हम महफ़िल में आ गए हैं वो अपने नसीब से
नीलाम हो रहा था, किसी नाजनी का प्यार कीमत नहीं चुकाई गयी एक गरीब से
तेरी वफ़ा की लाश पे, ला मैं ही डाल दूँ रेशम का ये कफ़न जो मिला हैं रकीब से... Sahir Ludhianvi
अभी अभी तो आई हो, बहार बन के छाई हो हवा ज़रा महक तो ले,नज़र ज़रा बहक तो ले ये शाम ढल तो ले ज़रा, ये दिल संभल तो ले ज़रा मैं थोड़ी देर जी तो लूं, नशे के घूँट पी तो लूं अभी तो कुछ कहा नहीं, अभी तो कुछ सुना नहीं ..
सितारे झिलमिला उठे, चिराग जगमगा उठे बस अब ना मुझ को टोकना, न बढ़ के राह रोकना अगर मैं रुक गयी अभी, तो जा न पाऊँगी कभी यही कहोगे तुम सदा, के दिल अभी नहीं भरा जो ख़त्म हो किसी जगह, ये ऐसा सिलसिला नहीं....
अधूरी आंस छोड़ के, अधूरी प्यास छोड़ के जो रोज यूं ही जाओगी, तो किस तरह निभाओगी कि ज़िन्दगी की राह में, जवान दिलों की चाह में कई मुकाम आयेंगे, जो हम को आज़मायेंगे बुरा ना मानो बात का, ये प्यार हैं गिला नहीं यही कहोगे तुम सदा,कि दिल अभी भरा नहीं...Sahir Ludhiaanvi ji
हमें याद आ आ कर इतना बे-चैन न करो... एक ये ही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम.. Chitrangada Singh
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा किश्ती के मुसाफ़िर ने समुन्दर नहीं देखा
बेवक्त अगर जाऊंगा सब चौंक पड़ेंगे इक्क उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा
जिस दिन से चला हूँ मेरी मंज़िल पे नज़र है आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा
ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं तुम ने मेरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला मैं मोम हूँ उसने मुझे छूकर नहीं देखा.
अँधेरा मांगने आया था रौशनी की भीख हम अपना घर न जलाते तो और क्या करते ....
हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है तुम ही बताओ ये अंदाज़-ए-गुफ़्तगू क्या है...
कहर हो या बला हो, जो कुछ हो काश के तुम मेरे लिए होते ...
मेरी किस्मत में ग़म गर इतना था दिल भी या रब्ब कई दिए होते...
आ ही जाता वो राह पर ग़ालिब कोई दिन और भी जीए होते...