गर्मी में कल रात अचानक आँख खुली तो
जी चाहा कि स्वीमिंग पूल के
ठन्डे पानी में इक डुबकी मर के आऊं
बहार आ कर स्वीमिंग पूल पे देखा तो हैरान हुआ ,
जाने कबसे बिन पूछे इक चाँद आया और मेरे पूल में
आँखें बंद किये लेटा था, तैर रहा था
उफ़ कल रात बहुत गर्मी थी...
-- गुलज़ार
जी चाहा कि स्वीमिंग पूल के
ठन्डे पानी में इक डुबकी मर के आऊं
बहार आ कर स्वीमिंग पूल पे देखा तो हैरान हुआ ,
जाने कबसे बिन पूछे इक चाँद आया और मेरे पूल में
आँखें बंद किये लेटा था, तैर रहा था
उफ़ कल रात बहुत गर्मी थी...
-- गुलज़ार
No comments:
Post a Comment