हर एक करवट में याद करता हूँ तुमको लेकिन
ये करवटें लेते रात दिन यूं मसल रहे हैं
मेरे बदन को
तुम्हारी यादों के जिस्म पर नील पड़ गये हैं........गुलज़ार
ये करवटें लेते रात दिन यूं मसल रहे हैं
मेरे बदन को
तुम्हारी यादों के जिस्म पर नील पड़ गये हैं........गुलज़ार
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